प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले क्रेन से जुड़े वे शब्द जिन्हें आपको जानना चाहिए – क्रेन शब्दावली
IHURMO का उद्देश्य क्रेन से जुड़ी शब्दावली को आसान बनाना है। यह क्रेन संचालन, रखरखाव और सुरक्षा प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाली भाषा की स्पष्ट व्याख्या और जानकारी देता है।
क्रेन से जुड़े इन विशिष्ट शब्दों से परिचित होकर आप क्रेन संबंधी कार्यस्थलों पर बेहतर ढंग से संवाद कर पाएँगे, कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ा पाएँगे और क्रेन संचालन को अधिक कुशल बना पाएँगे।
क्रेन शब्दावली A

- एरियल क्रेन: हवा में काम करने वाली क्रेन, आमतौर पर हेलीकॉप्टर पर लगी क्रेन या विशेष उड़ने वाली क्रेन।
- ऑल-टेरेन क्रेन: बहुउपयोगी होने के लिए डिज़ाइन की गई ये क्रेन विभिन्न प्रकार की ज़मीन पर चल और काम कर सकती हैं।
- सहायक होइस्ट: क्रेन पर लगा अतिरिक्त होइस्ट सिस्टम, जो मुख्य होइस्ट की तुलना में अक्सर अधिक गति और कम भार उठाने की क्षमता देता है।
- असामान्य परिचालन स्थितियाँ: ऐसी पर्यावरणीय स्थितियाँ जो क्रेन के संचालन के लिए प्रतिकूल या हानिकारक हों, जैसे अत्यधिक तापमान, संक्षारक वातावरण, बहुत अधिक धूल, नमी या खतरनाक स्थान।
- अक्षीय भार: क्रेन की संरचना की धुरी के साथ लगने वाला बल। यह आमतौर पर क्रेन के अपने वज़न और उसके द्वारा उठाए जा रहे अतिरिक्त भार से पैदा होता है, जिससे दबाव या तनाव उत्पन्न हो सकता है।
क्रेन शब्दावली B
- ब्यूफोर्ट स्केल (ब्यूफोर्ट पवन बल पैमाना): हवा की गति और ज़मीन तथा समुद्र पर उसके प्रभावों को मापने का पैमाना।
- बूम: क्रेन का एक अहम हिस्सा, आमतौर पर लंबी और फैलने वाली भुजा, जो उठाने के काम में पहुँच और उत्तोलन प्रदान करती है। “जिब” भी देखें।
- बूम ट्रक क्रेन: ट्रक के चेसिस पर लगी मोबाइल क्रेन, जिसमें टेलीस्कोपिक या मुड़ने वाला बूम होता है जो भारी भार उठाने और स्थानांतरित करने के लिए फैलता है।
- ब्रिज: ओवरहेड क्रेन का वह संरचनात्मक हिस्सा जो कार्यक्षेत्र के ऊपर फैला होता है और ट्रॉली तथा होइस्ट को सहारा देता है।
- ब्रिज ट्रैवल: रनवे के साथ ओवरहेड क्रेन की गति, जिससे वह बड़े कार्यक्षेत्र को कवर कर सकती है।
- बैलास्ट: उठाने के काम के दौरान स्थिरता बढ़ाने के लिए क्रेन के आधार में जोड़ा गया भार; क्रेन के घूमने पर यह नहीं घूमता।
- बीम: क्षैतिज संरचनात्मक हिस्सा जो भार को सहारा देता है और दो आधारों के बीच फैला होता है। क्रेन प्रणालियों में मज़बूती और स्थिरता प्रदान करने के लिए आमतौर पर इसका इस्तेमाल होता है।
- ब्रेक: क्रेन की गति धीमी करने या रोकने वाला उपकरण। यह भार को नियंत्रित ढंग से नीचे उतारकर और अनचाही गति रोककर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करता है।
क्रेन शब्दावली C
- CHAS: उद्योग की मान्यता देने वाली संस्था।
- क्लियरेंस: क्रेन और आसपास की बाधाओं के बीच रखी जाने वाली सुरक्षित दूरी, जो संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- ब्रिज/रनवे पर विद्युत कंडक्टर: क्रेन की गति के लिए बिजली देने वाले विद्युत कंडक्टर, जो ब्रिज या रनवे के साथ लगाए जाते हैं।
- कॉन्ट्रैक्ट लिफ्ट: एक विशेष सेवा जिसमें कंपनी क्रेन, ऑपरेटर और संबंधित कर्मचारियों सहित उठाने का संपूर्ण समाधान प्रदान करती है।
- कंट्रोलर: वह घटक जो क्रेन की मोटर तक बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करता है और उसकी गति को संचालित करता है।
- संक्षारण-प्रतिरोधी: क्रेन के पुर्ज़ों को जंग से बचाने के लिए बनाए गए पदार्थ या कोटिंग, जो उनकी टिकाऊपन और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हैं।
- काउंटरवेट: क्रेन द्वारा उठाए जा रहे भार का संतुलन बनाने, स्थिरता बनाए रखने और पलटने से रोकने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले भारी वज़न।
- क्रैब: “ट्रॉली” देखें।
- क्रेन: भारी भार उठाने और नीचे उतारने के लिए बनाई गई यांत्रिक मशीन, जो केबल, पुली और शक्ति स्रोत की प्रणाली का इस्तेमाल करती है।
- क्रॉलर क्रेन: ट्रैक वाले अंडरकैरिज पर लगी क्रेन, जो असमतल या चुनौतीपूर्ण भूभाग पर बेहतरीन गतिशीलता प्रदान करती है।
क्रेन शब्दावली D
- ड्रम: बेलनाकार पुर्ज़ा जिसके चारों ओर होइस्ट की वायर रोप लपेटी जाती है, जिससे भार उठाना और नीचे उतारना संभव होता है।
- डेड एंड: रस्सी या चेन का वह सिरा जिसके विपरीत सिरे पर भार लगाया जाता है।
- डेड लोड: क्रेन या अन्य स्थायी संरचनात्मक पुर्ज़ों का वज़न, जो क्रेन के संचालन के दौरान स्थिर रहता है।
- डॉक क्रेन: डॉक पर स्थित क्रेन, जिसका इस्तेमाल जहाज़ का माल चढ़ाने और उतारने के लिए होता है।
क्रेन शब्दावली E
- इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैवलिंग क्रेन (EOTC): बिजली से चलने वाली क्रेन जो एक तय ओवरहेड रनवे के साथ चलती है और आमतौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होती है।
- इमरजेंसी स्टॉप: आपातकालीन स्थिति में मशीन का संचालन तुरंत रोकने वाला सुरक्षा तंत्र।
क्रेन शब्दावली F

- फ्लोटिंग क्रेन: बजरे या अन्य तैरते प्लेटफ़ॉर्म पर लगी क्रेन, जिसका इस्तेमाल समुद्री निर्माण और जलतटीय कार्यों में होता है।
- फ्लैंज: क्रेन के किसी पुर्ज़े, जैसे पहिए या बीम, पर निकला हुआ किनारा जो मज़बूती और स्थिरता देता है तथा दूसरे पुर्ज़ों से जोड़ने में मदद करता है।
- फीट एंगल: क्रेन के सहायक पैरों के आधार पर बनने वाला कोण, जो स्थिरता और भार-वितरण को प्रभावित करता है।
- घर्षण ब्रेक: ब्रेक पैड और गतिशील पुर्ज़ों के बीच घर्षण पैदा करके क्रेन की गति धीमी या बंद करने वाला ब्रेक तंत्र।
- फुलक्रम: वह धुरी बिंदु जिसके चारों ओर क्रेन का बूम या लीवर घूमता है और भार उठाने तथा स्थानांतरित करने में मदद करता है।
क्रेन शब्दावली G
- गैन्ट्री क्रेन: तय गैन्ट्री संरचना पर चलने वाली क्रेन, जो उठाने के काम के लिए स्थिर मंच प्रदान करती है।
- सामान्य क्रेन: विभिन्न प्रकार के उठाने के कामों के लिए उपयुक्त बहुउपयोगी क्रेन।
- विशाल कैंटिलीवर क्रेन: बड़ी कैंटिलीवर बीम वाली क्रेन, जो अधिक पहुँच और भार उठाने की क्षमता प्रदान करती है।
- कुल भार: उठाए जा रहे सामान और स्लिंग, शैकल तथा हुक जैसे सभी रिगिंग उपकरणों सहित भार का कुल वज़न
- गियर बॉक्स: हटाई जा सकने वाली प्लेट या पैनल, जो रखरखाव या निरीक्षण के लिए पहुँच प्रदान करता है।
- ज़मीन की स्थितियाँ: निर्माण स्थल की मिट्टी या भूभाग की भौतिक विशेषताएँ, जैसे मिट्टी का प्रकार, भार सहने की क्षमता और भूमिगत संरचनाएँ, जो निर्माण कार्यों और उपकरणों की स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
क्रेन शब्दावली H
- हार्बर क्रेन: बंदरगाहों में उपयोग के लिए विशेष रूप से बनाई गई क्रेन, जो माल संभालती है और समुद्री कार्यों में मदद करती है।
- भारी क्रेन: बहुत भारी भार उठाने के लिए बनाई गई, अधिक उठाने की क्षमता वाली क्रेन।
- उठाने की ऊँचाई (HOL): क्रेन का हुक जितनी ऊर्ध्वाधर दूरी तय कर सकता है, जिसे उसके सबसे निचले से सबसे ऊँचे बिंदु तक मापा जाता है।
- होइस्ट: क्रेन पर भार उठाने और नीचे उतारने वाला तंत्र, जिसमें आमतौर पर मोटर, ड्रम और वायर रोप होते हैं।
- होइस्ट रोप: होइस्ट रोप स्टील की लचीली केबल होती है, जो मुड़े हुए तारों और स्ट्रैंड से बनी होती है और एक कोर के चारों ओर लपेटी जाती है। इसे उठाने और होइस्टिंग के कामों के लिए बनाया जाता है।
- होइस्ट की गति: भार उठाने और स्थानांतरित करने के लिए होइस्ट सिस्टम की नियंत्रित गति।
क्रेन शब्दावली I
- इनडोर उपयोग: फ़ैक्टरी और गोदाम जैसे बंद स्थानों के भीतर संचालन के लिए उपयुक्त उपकरण।
- औद्योगिक उपयोग: औद्योगिक क्षेत्रों में किए जाने वाले उठाने के काम, जिनमें अक्सर भारी मशीनरी या सामग्री शामिल होती है।
- इन्सुलेशन: क्रेन के पुर्ज़ों को अत्यधिक तापमान, नमी और अन्य पर्यावरणीय कारकों से बचाने के उपाय।
क्रेन शब्दावली J

- जिब: क्रेन की क्षैतिज भुजा, जो बूम या टावर से आगे तक फैली होती है और होइस्ट तथा लोड ब्लॉक को सहारा देती है।
- जिब की लंबाई: जिब की कुल लंबाई अलग-अलग त्रिज्याओं पर क्रेन की पहुँच और उठाने की क्षमता को प्रभावित करती है।
- जोड़: क्रेन का जोड़ वह बिंदु होता है जहाँ क्रेन के दो हिस्से आपस में जुड़ते हैं। यह हिस्सों को हिलने और मुड़ने की सुविधा देता है, जिससे क्रेन विभिन्न कार्य कर पाती है, जैसे घूमना, टेलीस्कोप की तरह फैलना-सिकुड़ना, तह होना, जोड़ पर मुड़ना और बूम को ऊपर-नीचे करना।
क्रेन शब्दावली K
- किलोन्यूटन (kN): बल की एक इकाई, जिसका उपयोग आमतौर पर मीट्रिक मापन में भार के वजन को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
क्रेन शब्दावली L
- लेवल लफ़िंग क्रेन: इस प्रकार की क्रेन को लफ़िंग (जिब का कोण बदलने) के दौरान हुक की ऊँचाई स्थिर बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे भार को सटीक रूप से रखा जा सकता है।
- लिफ्ट कोण: होइस्ट केबल और ऊर्ध्वाधर रेखा के बीच बनने वाला कोण, अलग-अलग कार्य-त्रिज्याओं पर क्रेन की उठाने की क्षमता को प्रभावित करता है।
- उठाने की क्षमता: वह अधिकतम भार जिसे क्रेन सुरक्षित रूप से उठा सकती है। यह भार की स्थिति और क्रेन के विन्यास जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
- उठाने की पहुँच: वह अधिकतम क्षैतिज दूरी जिस तक क्रेन भार को ले जा सकती है। यह अक्सर बूम की लंबाई और जिब के विस्तार से प्रभावित होती है।
- भार: वह वस्तु जिसे क्रेन उठाती या स्थानांतरित करती है।
- भार क्षमता: क्रेन द्वारा उठाया जा सकने वाला अधिकतम भार।
- लोड ब्लॉक: होइस्टिंग लाइन के सिरे पर लगा एक पुर्जा, जिसमें शीव (पुली) और भार जोड़ने के लिए हुक होता है।
- लोड लाइन: वह वायर रोप जो होइस्ट ड्रम को लोड ब्लॉक से जोड़ती है और भार को ऊपर उठाने तथा नीचे उतारने का काम करती है।
- लफ़: उठाने की त्रिज्या और ऊँचाई को समायोजित करने के लिए क्रेन के जिब को ऊपर या नीचे करने की क्रिया।
- लफ़र: “लफ़िंग-जिब क्रेन” देखें।
- लफ़िंग-जिब क्रेन: ऐसी क्रेन जिसमें ऐसा जिब लगा होता है जिसे ऊपर-नीचे किया जा सकता है, जिससे अलग-अलग ऊँचाइयों और दूरियों पर स्थित भार तक पहुँचने में लचीलापन मिलता है।
क्रेन शब्दावली M
- मुख्य होइस्ट: क्रेन का प्राथमिक होइस्ट, जो आमतौर पर अधिकतम निर्धारित भार उठाने में सक्षम होता है।
- अधिकतम भार: आदर्श परिस्थितियों में क्रेन द्वारा सुरक्षित रूप से उठाए जाने के लिए निर्धारित अधिकतम भार।
- अधिकतम भार के साथ अधिकतम त्रिज्या: वह अधिकतम क्षैतिज दूरी जिस पर क्रेन अपना अधिकतम निर्धारित भार सुरक्षित रूप से उठा सकती है।
- यांत्रिक हैंडलिंग: सामग्री को कुशलतापूर्वक स्थानांतरित करने, उठाने और संभालने के लिए मशीनरी और उपकरणों का उपयोग।
- मीटर प्रति मिनट (MPM): क्रेन की गति मापने की मानक इकाई।
- MEWP: मोबाइल एलिवेटिंग वर्क प्लेटफ़ॉर्म। ये क्रेन नहीं हैं, लेकिन ऊँचाई पर काम के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और इनमें बूम लिफ्ट तथा कैंची लिफ्ट जैसे विभिन्न प्रकार शामिल हैं।
- मोबाइल क्रेन: मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म पर लगी क्रेन, जिसे अलग-अलग कार्यस्थलों के बीच ले जाया जा सकता है।
- मोबाइल टॉवर क्रेन: ऐसी टॉवर क्रेन जिसे कार्यस्थल पर इधर-उधर ले जाया जा सकता है। इसमें अक्सर स्वयं खड़ी होने की सुविधा होती है, जिससे इसे जल्दी और कुशलता से स्थापित किया जा सकता है।
- गतिशीलता: क्रेन को ले जाने और सही जगह पर स्थापित करने की आसानी, कार्यस्थल तक पहुँच के लिए एक महत्त्वपूर्ण पहलू है।
क्रेन शब्दावली N
- रात में काम: रात के समय किए जाने वाले संचालन, जिनमें अक्सर विशेष रोशनी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है।
- सामान्य कार्य भार (NWL): “सुरक्षित कार्य भार” का ही दूसरा नाम।
क्रेन शब्दावली O
- आउट्रिगर: आधार को चौड़ा करके क्रेन की स्थिरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फैलाए जा सकने वाले बीम या सहारे। भारी भार उठाते समय ये विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण होते हैं।
- ओवरहेड ट्रैवलिंग क्रेन (OTC): ऐसी क्रेन जो एक स्थिर ऊपरी ट्रैक या रनवे प्रणाली पर चलती है। यह आमतौर पर कारखानों और गोदामों में पाई जाती है।
क्रेन शब्दावली P

- बिंदु भार: ऐसा भार जो बड़े क्षेत्र में फैलने के बजाय एक ही बिंदु पर केंद्रित हो।
- पुली ब्लॉक: “लोड ब्लॉक” देखें।”
क्रेन शब्दावली R
- निर्धारित भार: “अधिकतम भार” देखें।
- रफ़ टेरेन क्रेन: असमतल या चुनौतीपूर्ण ज़मीन पर चलने और काम करने के लिए डिज़ाइन की गई मोबाइल क्रेन।
- चलती पुली/शीव: ऐसी पुली जो अपनी धुरी पर स्वतंत्र रूप से घूमती है। इसका उपयोग होइस्टिंग केबल की दिशा बदलने और क्रेन की उठाने की प्रणाली में घर्षण कम करने के लिए किया जाता है।
- रनवे: एक स्थिर ट्रैक या बीम प्रणाली जो ओवरहेड क्रेन की गति को सहारा और दिशा देती है।
क्रेन शब्दावली S
- सुरक्षित कार्य भार (SWL): सामान्य संचालन स्थितियों में क्रेन द्वारा सुरक्षित रूप से उठाया जा सकने वाला अधिकतम भार। इसमें क्रेन का विन्यास और भार की स्थिति जैसे कारक शामिल हैं।
- SafeContractor: स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रथाओं पर केंद्रित एक उद्योग मान्यता योजना।
- सेटअप समय: कार्यस्थल पर क्रेन को संचालन के लिए तैयार करने में लगने वाला समय, जिसमें असेंबली, आउट्रिगर लगाना और सुरक्षा जाँच शामिल हैं।
- SSIP: खरीद में सुरक्षा योजनाएँ; यह एक उद्योग मान्यता संस्था है।
- स्थिर क्रेन: एक ही स्थान पर स्थायी रूप से स्थापित क्रेन, जो स्वयं चलने में सक्षम नहीं होती।
क्रेन शब्दावली T
- टेलीस्कोपिक क्रेन: ऐसी क्रेन जिसका बूम टेलीस्कोप की तरह आगे बढ़ता और पीछे सिमटता है, जिससे अलग-अलग उठाने की ऊँचाइयों और त्रिज्याओं के अनुसार इसे ढाला जा सकता है।
- टेलीस्कोपिक हैंडलर क्रेन: टेलीस्कोपिक बूम वाली क्रेन, जिसे भार उठाने और सामग्री संभालने—दोनों तरह के कामों के लिए बनाया गया है।
- टॉवर क्रेन: ऊँचे ऊर्ध्वाधर टॉवर और क्षैतिज जिब वाली क्रेन। अपनी ऊँचाई और पहुँच के कारण इसका आमतौर पर निर्माण कार्य में उपयोग किया जाता है।
- ट्रॉली: ओवरहेड क्रेन का चलने वाला प्लेटफ़ॉर्म, जो ब्रिज के साथ चलता है और होइस्ट तथा लोड ब्लॉक को ले जाता है।
क्रेन शब्दावली W
- कार्य भार सीमा (WLL): “सुरक्षित कार्य भार” देखें।
- कार्य त्रिज्या: क्रेन के घूमने के केंद्र से उठाए जा रहे भार के केंद्र तक की क्षैतिज दूरी। यह उठाने की क्षमता को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक है।
क्रेन शब्दावली Y
- योक: योक क्रेन का एक अटैचमेंट है, जिसे पवन टर्बाइन के ब्लेड, कंटेनर और लोगों को उठाने वाली बास्केट जैसी वस्तुओं को उठाने के लिए बनाया गया है।
यह शब्दावली क्रेन से जुड़े आम शब्दों को समझने का आधार देती है। विशिष्ट तकनीकी जानकारी के लिए या क्रेन के चयन और संचालन के बारे में कोई प्रश्न होने पर IHURMO से परामर्श करें। हमारे विशेषज्ञ योग्य पेशेवर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लिफ्ट से पहले की योजना बनाते समय किन ज़रूरी बातों की जाँच करनी चाहिए?
क्रेन के लोड चार्ट, ज़मीन की स्थिति और संभावित बाधाओं की जाँच करें। सही रिगिंग उपकरण सुनिश्चित करना ज़रूरी है। साथ ही, यह भी पक्का करें कि सभी कर्मियों को उचित प्रशिक्षण दिया गया हो और उन्हें काम की जानकारी दी गई हो।
क्रिटिकल लिफ्ट क्या होती है और उठाने के कार्यों में इसकी आवश्यकता कब होती है?
क्रिटिकल लिफ्ट में ऐसे भार शामिल होते हैं जो अत्यधिक भारी या जटिल हों, या जिनसे जोखिम अधिक हो। इसे करने के लिए आमतौर पर सावधानीपूर्वक योजना, अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और विशेष परमिट की आवश्यकता होती है।
क्रेन ऑपरेटरों को उठाने के कौन-से बुनियादी सिद्धांत पता होने चाहिए?
ऑपरेटरों को भार की गतिशीलता, गुरुत्वाकर्षण केंद्र और सिग्नल देने वाले कर्मियों के उपयोग की जानकारी होनी चाहिए। संतुलन और भार के वितरण का महत्त्व समझना भी ज़रूरी है।






